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राजपूत स्वाभिमान शायरी | Rajput Swabhiman Shayari

यहाँ हम आपके लिए राजपूत स्वाभिमान (Rajput Swabhiman Shayari) और शान को बयां करने वाली शायरियों का संग्रह लाए हैं। इन शायरियों में राजपूतों...

राजपूत स्वाभिमान शायरी Rajput Swabhiman Shayari


यहाँ हम आपके लिए राजपूत स्वाभिमान (Rajput Swabhiman Shayari) और शान को बयां करने वाली शायरियों का संग्रह लाए हैं। इन शायरियों में राजपूतों की वीरता, उनका क्षत्रिय धर्म का पालन और उनका अपने स्वाभिमान पर गर्व है। ये शायरियाँ राजपूत समुदाय के गौरवशाली इतिहास और उनकी निष्ठा को स्वरूपित करती हैं।


1. ख़ुद को राजपूत कहने वाले, अपने स्वाभिमान में अटल।
दुनिया के सामने झुकने वाले, इतिहास को बदलते हैं मुक़ाबले में।।


2. जिस्म अगर कटे, तो भी दिल राजपूताना का रहे,
सिर अगर जुके, तो भी आंखें ऊँचाई की ओर रहे।


3. राजपूत का स्वाभिमान उसकी ताक़त बनी रहे,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में वो हमेशा अग्रणी रहे।


4. शेर की आंधी में भी राजपूत का दीवानापन हो,
इतना हौसला हो कि दुनिया को दिखाए वो अपना स्वाभिमान हो।


5. राजपूत वो हैं जो इतिहास के पन्नों में बसे हैं,
उनकी शान से सारी दुनिया को हिलाएं हैं।


6. क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए जीना सिखाते हैं हम,
विरासत में मिली शान को बचाकर रखते हैं हम।


7. राजपूताना का वीर बच्चा, अपने शेर की तरह बाग़ी,
स्वाभिमान के लिए जिया, शेर के जैसा दिल लाए।


8. जो राजपूत हैं वो हार नहीं मानते,
क्षत्रिय धर्म को सदा अपने दिल में बसाते।


9. राजपूती शान से जुड़ी बातों में बसी है उनकी जान,
धर्म के पथ पर चलने में है उनकी पहचान।


10. जब तक राजपूत स्वाभिमान है, तब तक राजपूत जीवित हैं,
क्षत्रिय धर्म के प्रति उनका यह अटल विश्वास है।


11. राजपूती स्वाभिमान उनकी पहचान है,
क्षत्रिय धर्म का पालन उनका अभिमान है।


12. ख़ास राजपूतों का यह सिर ताज,
जिनके दिल में बसा है क्षत्रिय धर्म का राज।


13. राजपूत हो तो ऐसा हो, जो दुश्मनों को डराए,
स्वाभिमान के साथ जीने का जज्बा उनमें भराए।


14. शेर की तरह जिएं, शेर की तरह लड़ें,
राजपूताना के वीर बच्चे, शान से जीने को रज़ियां बिछाएं।


15. क्षत्रिय धर्म की रक्षा में जीवन को समर्पित किया,
राजपूताना के वीर बच्चे ने अपना स्वाभिमान बनाया।


16. राजपूती शान से भरी हर बात,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में हर वक्त।


17. धर्म का पालन करते हुए जीना सिखाते हैं हम,
राजपूती शान से जुड़ी हर बात को दिल में बसाते हैं हम।


18. अपनी बांवलखंड की शान लिए रहो,
राजपूताना के वीर बच्चे, राजा के राज़ लिए रहो।


19. राजपूती स्वाभिमान की बातें जो धूमिल मिटाती हैं,
क्षत्रिय धर्म का पालन, हर वक्त संघर्ष को जीताती हैं।


20. जब तक राजपूत का स्वाभिमान है,
उसका क्षत्रिय धर्म हर पल बना रहेगा महान।


21. राजपूती शान से भरा हर इक वक़्त,
क्षत्रिय धर्म का पालन, हर अवसर पर भरपूर बलवान।


22. शेर की गर्जन से भी डरते हैं दुश्मन,
राजपूतों का स्वाभिमान विश्वास पूरा इमान।


23. अगर है राजपूत तो लड़ाई में डर कहाँ,
शेर की तरह खड़ा है, शान से जीने का अदम्य जज्बा है उसमें।


24. राजपूताना का वीर बच्चा, धर्म का पालन करे,
स्वाभिमान से जीवन जिये, हर मुश्किल को अपने होंठों पर सजाए।


25. क्षत्रिय धर्म की रक्षा में जुटे रहो हर क्षण,
राजपूतों की शान बढ़ाने का यही अपना मायने है जीवन।


26. राजपूत हो तो ऐसा, जो बदले इतिहास की कहानी,
स्वाभिमान के बिना वो कभी नहीं मानता अपनी हारी।


27. क्षत्रिय धर्म का पालन कर, शान से जीना सिखाते हैं हम,
राजपूताना के वीर बच्चे, दुनिया को अपनी ताक़त दिखाते हैं हम।


28. राजपूती शान से भरा हर इक वक़्त,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में हम हमेशा तैयार रहते हैं खड़े।


29. शेर की तरह डर को भगाते हैं दुश्मन,
राजपूतों की स्वाभिमान वाली शान सदा बनी रहे विश्वास और धर्म का पालन।


30. राजपूती स्वाभिमान की बातें जो हर किसी को भाती हैं,
क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए जीने का यह अद्वितीय अभिनव संगीत हैं।


31. राजपूत वो हैं जो शान से जीने की आदत रखते हैं,
क्षत्रिय धर्म का पालन कर, हर मुश्किल को आसान बनाते हैं।


32. शेर की तरह डर को भगाते हैं राजपूत,
स्वाभिमान से जीने का हर वक्त उनका अभिमान है।


33. राजपूत वीर हैं, उनका शान से अनबन है,
क्षत्रिय धर्म का पालन करते हैं, हर कठिनाई को पार करते हैं।


34. जब तक राजपूत का वीर बच्चा है,
उसका स्वाभिमान और क्षत्रिय धर्म सदा बना रहेगा निर्माण।


35. क्षत्रिय धर्म का पालन, राजपूतों का अभिमान,
स्वाभिमान से जीना, हर दुश्मन को दिखाना, यही है उनका जीवन का मायना।


36. राजपूतों की शान से भरी हर एक बात,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में खड़े होकर, वीरता से जीने का यही अभिमान है।


37. शेर की तरह डर को भगाते हैं राजपूत,
स्वाभिमान से जीने का उनका अभिमान, क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए हर मुश्किल को आसान बनाते हैं।


38. राजपूती वीर बच्चा है, धर्म के रक्षक,
क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए, हर दुश्मन को भगाते हैं शान से।


39. राजपूती शान से भरी हर इक बात,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में हर कठिनाई को पार करते हैं, राजपूत अपने धर्म के लिए सदैव तैयार रहते हैं।


40. जब तक राजपूत का स्वाभिमान है,
उसका क्षत्रिय धर्म सदा बना रहेगा महान, हर मुश्किल को आसान बना रहेगा।


41. राजपूती शेर की तरह डर को भगाते हैं,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में, स्वाभिमान से जीने की राजपूत शान बनाते हैं।


42. क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए जीना सिखाते हैं हम,
राजपूती शान से जुड़ी हर बात को दिल में बसाते हैं हम।


43. राजपूत वीर हैं, उनकी शान से अनबन है,
क्षत्रिय धर्म का पालन करते हैं, हर मुश्किल को पार करते हैं अभिमान से।


44. शेर की तरह डर को भगाते हैं दुश्मन,
राजपूतों की स्वाभिमान वाली शान सदा बनी रहे विश्वास और धर्म का पालन।


45. राजपूती स्वाभिमान की बातें जो हर किसी को भाती हैं,
क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए जीने का यह अद्वितीय अभिनव संगीत हैं।


46. राजपूती शान से भरी हर एक बात,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में खड़े होकर, वीरता से जीने का यही अभिमान है।


47. शेर की तरह डर को भगाते हैं राजपूत,
स्वाभिमान से जीने का उनका अभिमान, क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए हर मुश्किल को आसान बनाते हैं।


48. राजपूती वीर बच्चा है, धर्म के रक्षक,
क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए, हर दुश्मन को भगाते हैं शान से।


49. राजपूती शान से भरी हर इक बात,
क्षत्रिय धर्म की रक्षा में हर कठिनाई को पार करते हैं, राजपूत अपने धर्म के लिए सदैव तैयार रहते हैं।


50. जब तक राजपूत का स्वाभिमान है,
उसका क्षत्रिय धर्म सदा बना रहेगा महान, हर मुश्किल को आसान बना रहेगा।


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